गन्ना किसानों को अब 425 रुपये प्रति क्विंटल मिलेगा खरीदी मूल्य, बोनस से भी बढ़ेगी आय, कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने केरता शक्कर कारखाने में किसानों को वितरित की बोनस राशि, जैविक खेती और फसल विविधीकरण अपनाने पर दिया जोर……
रायपुर: छत्तीसगढ़ में गन्ना उत्पादक किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने गन्ने का खरीदी मूल्य बढ़ाकर 425 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया है। इसके साथ ही किसानों को बोनस का लाभ भी दिया जा रहा है। सूरजपुर जिले के माँ महामाया शक्कर कारखाना केरता में गुरुवार को आयोजित आभार एवं कृषक चौपाल कार्यक्रम में कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने किसानों को बोनस राशि वितरित की। गन्ना खरीदी मूल्य में वृद्धि के निर्णय पर किसानों ने राज्य सरकार के प्रति आभार जताया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कृषि मंत्री नेताम ने कहा कि किसान देश की अर्थव्यवस्था और खाद्य सुरक्षा के मजबूत आधार हैं। उनके परिश्रम से ही देश की खाद्यान्न जरूरतें पूरी होती हैं। किसानों की खुशहाली और आर्थिक समृद्धि राज्य सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने कहा कि किसानों की समृद्धि ही प्रदेश की प्रगति का आधार है।
मंत्री ने कहा कि सरगुजा अंचल के गन्ना उत्पादक किसानों की जरूरतों और मांग को देखते हुए माँ महामाया शक्कर कारखाने की स्थापना की पहल की गई थी। इसका उद्देश्य किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने के साथ क्षेत्र में कृषि आधारित औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा देना था। अब कारखाने को और विकसित करने तथा वैल्यू एडिशन के माध्यम से इसकी आर्थिक संभावनाएं बढ़ाने की जरूरत है।
कृषि मंत्री ने किसानों से धान के साथ दलहन और तिलहन जैसी वैकल्पिक फसलों को भी अपनाने की अपील की। उन्होंने बताया कि धान के स्थान पर इन वैकल्पिक फसलों की खेती को प्रोत्साहित करने के लिए निर्धारित प्रावधानों के तहत किसानों को 15 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। उन्होंने कहा कि फसल विविधीकरण से खेती को अधिक लाभकारी बनाया जा सकता है।

नेताम ने आधुनिक और टिकाऊ कृषि पद्धतियों पर जोर देते हुए कहा कि वैज्ञानिक तकनीक और कृषि विशेषज्ञों के मार्गदर्शन से कम पानी तथा संतुलित उर्वरक के उपयोग में भी बेहतर उत्पादन प्राप्त किया जा सकता है। उन्होंने रासायनिक कीटनाशकों के अत्यधिक उपयोग से स्वास्थ्य और पर्यावरण पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों का उल्लेख करते हुए किसानों को जैविक एवं प्राकृतिक खेती अपनाने के लिए प्रेरित किया।
प्रतापपुर विधायक शकुंतला पोर्ते ने गन्ना खरीदी मूल्य में वृद्धि के लिए राज्य सरकार का आभार जताया। उन्होंने कहा कि माँ महामाया शक्कर कारखाने की स्थापना से लेकर इसके विकास तक किसानों के हितों को प्राथमिकता दी गई है। मुख्यमंत्री और कृषि मंत्री के प्रयासों से गन्ना उत्पादक किसानों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने की दिशा में लगातार काम किया जा रहा है।
कलेक्टर रेना जमील ने कहा कि रिवॉल्विंग फंड की घोषणा से गन्ना उत्पादक किसानों में नया उत्साह है। आगामी कार्ययोजना के तहत कारखाने की रिकवरी दर बढ़ाने और गन्ने की खेती का रकबा विस्तार करने के लिए विशेष प्रयास किए जाएंगे। इससे कारखाने की उत्पादन क्षमता बढ़ने के साथ किसानों को भी अधिक आर्थिक लाभ मिल सकेगा।
कृषक चौपाल में किसानों ने अपनी समस्याएं, अनुभव और सुझाव साझा किए। कृषि मंत्री ने उनकी बातें सुनते हुए कृषि क्षेत्र के विकास और किसानों की सुविधाओं के विस्तार के लिए शासन की प्रतिबद्धता दोहराई। इस दौरान जिला पंचायत अध्यक्ष चंद्रमणि पैकरा, अपर कलेक्टर नयनतारा सिंह तोमर, एसडीएम रमेश मोर, कृषि अधिकारी सम्पदा पैकरा सहित जनप्रतिनिधि, विभागीय अधिकारी और बड़ी संख्या में गन्ना उत्पादक किसान मौजूद रहे।
